गाज़ा में फिर भड़की हिंसा, इज़राइल के हवाई हमलों में 72 फिलिस्तीनी मारे गए
इज़राइली सेना ने उत्तरी गाज़ा के घनी आबादी वाले इलाकों, खासकर गाज़ा सिटी और जबालिया में फिर से हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। सेना ने इन इलाकों के नागरिकों को खाली करने का आदेश जारी किया और उन्हें दक्षिण में स्थित “मानवीय क्षेत्र” अल-मवासी की ओर जाने को कहा। परंतु इन क्षेत्रों में भी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, बीते 24 घंटे में इज़राइली हमलों में 72 से अधिक फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत हो चुकी है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।अस्पतालों में घायलों की भरमार है, लेकिन बिजली और ईंधन की कमी के कारण इलाज करना भी कठिन हो गया है। यह स्थिति गाज़ा में पहले से ही जारी मानवीय संकट को और अधिक भयानक बना रही है।
ईरान–इज़राइल संघर्ष: 12 दिनों की लड़ाई के बाद अस्थायी शांति, लेकिन खतरा बरकरार
ईरान और इज़राइल के बीच हाल ही में हुआ 12 दिनों का सैन्य संघर्ष अब अस्थायी संघर्षविराम पर रुका है, लेकिन यह शांति बेहद नाज़ुक और अस्थिर मानी जा रही है। यह संघर्ष उस समय शुरू हुआ जब इज़राइल ने ईरानी समर्थित मिलिशिया के खिलाफ सीमापार एक सर्जिकल स्ट्राइक की, जिसके जवाब में ईरान ने सीधे इज़राइली ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले शुरू कर दिए। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई बार सीधी सैन्य मुठभेड़ें हुईं, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान गई और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा। अमेरिका, रूस और संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता के बाद अब दोनों देशों ने अस्थायी युद्धविराम पर सहमति जताई है, लेकिन हालात अभी भी बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।
ईरान ने इस संघर्षविराम को “अस्थायी विराम” बताया है और चेतावनी दी है कि अगर इज़राइल ने दोबारा हमला किया, तो उसका “कड़ा और निर्णायक” जवाब दिया जाएगा। वहीं, इज़राइल ने इसे एक “सफल ऑपरेशन” घोषित करते हुए कहा कि अब क्षेत्रीय रणनीति को फिर से परिभाषित करने का समय है। इस संघर्ष ने मध्य पूर्व में एक बार फिर अस्थिरता फैला दी है, और आशंका जताई जा रही है कि अगर दोनों पक्षों में कोई नई भड़काऊ कार्रवाई हुई, तो पूरा क्षेत्र युद्ध की आग में झुलस सकता है।
