CG School Exam 2026 : छत्तीसगढ़ के स्कूली छात्रों के लिए बड़ा अपडेट’ 1वीं से 12वीं तक परीक्षा शेड्यूल में बदलाव

CG School Exam 2026 : रायपुर।’ छत्तीसगढ़ के स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। शिक्षा विभाग की ओर से कक्षा 1वीं से 12वीं तक आयोजित होने वाली तिमाही और अर्धवार्षिक परीक्षाओं की संशोधित समय-सारणी जारी कर दी गई है। नए शेड्यूल के अनुसार सितंबर महीने में तिमाही परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी, जबकि अर्धवार्षिक परीक्षाओं का आयोजन दिसंबर में प्रस्तावित है।

संशोधित समय-सारणी जारी होने के बाद विद्यार्थियों के पास परीक्षा की तैयारी को लेकर स्पष्ट योजना बनाने का अवसर है। खासकर बोर्ड कक्षाओं 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए यह परीक्षा काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे वार्षिक परीक्षा की तैयारी का आकलन करने में मदद मिलेगी।

21 सितंबर से शुरू होंगी तिमाही परीक्षाएं

जारी कार्यक्रम के अनुसार कक्षा 1वीं से 12वीं तक की तिमाही परीक्षाएं 21 सितंबर 2026 से शुरू होने का कार्यक्रम है। अलग-अलग कक्षाओं के लिए विषयवार परीक्षा तिथियां निर्धारित की गई हैं।

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कक्षा 1वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों की परीक्षाएं क्रमवार हिंदी, गणित, अंग्रेजी, पर्यावरण, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और संस्कृत जैसे विषयों की होंगी। वहीं कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए विषयों के अनुसार अलग-अलग परीक्षा कार्यक्रम तय किया गया है।

दिसंबर में होगी अर्धवार्षिक परीक्षा

तिमाही परीक्षा के बाद छात्रों को अर्धवार्षिक परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक अर्धवार्षिक परीक्षाएं 1 दिसंबर 2026 से शुरू होंगी।

कक्षा 9वीं और 10वीं में हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसे प्रमुख विषयों की परीक्षा आयोजित की जाएगी। वहीं 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए विज्ञान, वाणिज्य और कला संकाय के विषयों के अनुसार अलग-अलग प्रश्नपत्र रखे जाएंगे।

10वीं-12वीं के छात्रों को विशेष तैयारी की जरूरत

शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार तिमाही और अर्धवार्षिक परीक्षाओं को केवल औपचारिक परीक्षा मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इन परीक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थी अपनी कमजोरियों को पहचान सकते हैं और वार्षिक परीक्षा से पहले उन्हें दूर कर सकते हैं।

विशेष रूप से 10वीं और 12वीं के छात्रों को विषयवार रिवीजन, पुराने प्रश्नपत्रों का अभ्यास और समय प्रबंधन पर ध्यान देना चाहिए। तिमाही परीक्षा के परिणाम के आधार पर शिक्षक भी विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन दे सकेंगे।