Satya Niketan incident: सत्य निकेतन में हादसे से पहले आई तेज आवाज, 3 घंटे मलबे में फंसे रहे नितेश

नई दिल्ली: Satya Niketan incident: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए इमारत हादसे ने एक बार फिर जर्जर और असुरक्षित भवनों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हादसे में घायल 19 वर्षीय छात्र नितेश छिब को मलबे से करीब तीन घंटे बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। फिलहाल वह एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हैं और अब बातचीत करने की स्थिति में हैं। अस्पताल में भर्ती नितेश ने हादसे के दौरान के भयावह पल साझा किए हैं।

नल से तेज पानी बहने जैसी सुनाई दी आवाज

नितेश ने बताया कि रविवार दोपहर वह खाना खा रहे थे। इसी दौरान उन्हें इमारत के अंदर से अजीब तरह की आवाज सुनाई देने लगी। उन्हें आवाज कुछ ऐसी लगी, जैसे नल से तेज पानी की धार बह रही हो। शुरुआत में उन्हें लगा कि यह कोई सामान्य आवाज है, लेकिन कुछ ही देर में आवाज लगातार तेज और डरावनी होती चली गई।

आवाज का रूप बदलता देखकर नितेश खाना छोड़कर अपने दोस्त नीरज बावा के कमरे की तरफ चले गए। दोनों को किसी अनहोनी की आशंका हुई तो वे तुरंत सीढ़ियों की ओर भागे।

सीढ़ियों तक पहुंचते, उससे पहले ही गिर गई इमारत

नितेश और नीरज अभी नीचे पहुंच पाते, उससे पहले ही पूरी इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। दोनों मलबे में दब गए। नितेश के मुताबिक, वह करीब तीन घंटे तक मलबे में फंसे रहे। इस दौरान वह लोगों को अपनी मौजूदगी का पता देने के लिए आवाज लगाते रहे।

राहत और बचाव कार्य में जुटे लोगों ने करीब तीन घंटे बाद नितेश को मलबे से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। हादसे में उनके दोस्त नीरज बावा को भी बाहर निकाला गया, लेकिन उनकी हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।

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जम्मू के रहने वाले हैं नितेश

19 वर्षीय नितेश जम्मू के रहने वाले हैं। उनके बड़े भाई रोहित ने बताया कि नितेश दिल्ली विश्वविद्यालय में बीकॉम द्वितीय वर्ष के छात्र हैं। हादसे के बाद से परिवार अस्पताल के बाहर मौजूद है और उनके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद कर रहा है।

हादसे से एक दिन पहले ही PG में रहने आए थे नीरज

हादसे में घायल नीरज बावा भी जम्मू-कश्मीर के कठुआ के रहने वाले बताए जा रहे हैं। उनके दोस्त रवि के अनुसार, नीरज हादसे से महज एक दिन पहले ही इस PG में रहने आए थे। इससे पहले वह एक महीने से ज्यादा समय तक अपने दोस्त के घर रह रहे थे।

नया ठिकाना मिलने के बाद नीरज ने वहां रहना शुरू किया था, लेकिन अगले ही दिन इमारत हादसे का शिकार हो गई। इस घटना ने परिवार और दोस्तों को झकझोर कर रख दिया है।